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Wed, 09/07/2011 - 07:19

Sangli ke Kisse

By: Bani Das

बानी दास और क्रांति के सभी स्टाफ सांगली नामक गॉव मै गये थे ?उस ज्गाहे पे मुझे कुछ जानकरी मीला जो मुझे कभी पता नही था! वह सेक्स वोर्केर के बारे में है! वह एक ऐशा काम है की जिसे लोग समाज में बैसा का नाम देते है! वह काम सभी जगह होता है! वहा के औरत सेक्स को छुपाती नही है! की हम सेक्स करते है! सांगली एक एसा गाव है जहा सेक्स- वोर्केर के काम होता है! सांगली गाव में कम से कम ५०० कोठे है और उन कोठियो मै एक भी १८ साल से कम उम्र के लड़किया नहि दिखे! वहा जानकरी मीली की १८ साल से कम उम्र की लडर्किया से सेक्स का काम नहि करना चाहिये!समाज ओर क़ानूनी तरीका से वहा कंडोम का इस्तेमाल करते है !इसलिए सांगली नामक गाव में पोलिश रेड नहि होती!यह काम करने के बाद भी ओपन बच्चे की अच्छी शिक्षा और परबरिश करते है!और समाज के आम लोग की तरह साफ-सफाई से रहते है!

सांगली गाव मै.मुझेऔर एक बात आच्छी लगी की,मुंबई मै एन.जी.ओ देखा उनमे सेक्स वोर्केर के महिलाये के साथ काम करने का तरीका बहूत अलग है!मुंबई,पुणे,बंगलौर,कोलकाता,आदि संस्थे सेक्स-वोर्केर महिलायों को रेड करते है!ओर उन्हें एन.जी.ओ मै लेकर आते है!और साल- छमहीने बंद करके रखते है!और उन्हें समझा ते है की तुम जो काम करते हो वह काम दुनिया मै यह काम सबसे गलत माना जाता है!और यह कुछ समझाने के बाद उन्हे अपने अपने गाव छोर दिया जाता है!लेकिन सेक्स -वोर्केर महिलायों आपनो माँ,बहन,और बच्चे को भूका देखकर फिर उन्हें मजबूरन उन्हें उशी काम के लिया शहर आना परता है!
लेकिन एन.जी ओ समाज को दीखता है कि हमारा एन.जी.ओ कितना काम करता है!लेकिन सच है समाज मै कुछ भी बदलाव नहि आता है!

संग्राम संस्था एक ऐशी संस्था है जहा पर सेक्स-वोर्केर को काम करने के लिए मना नहीं करते है!उन्हें समझाया जाता है कि तुम्हरा जीबन तुम सोच सकते हो तुम्हे केशे जीना है!तुम अपने बच्चे की केशे पर्बरिश करना है!जब तक तुम १८ साल नहीं होते हो और तुम बिना कोंडोम के साथ सेक्स नहि कर सकते हो!सेक्स करके आपना बच्चा पालना गलत नहि है!बिना कोंडोम सेक्स करके H.I.V&ADS फेलना समाज मे सब से गलत है!

यह सब बाते संग्राम संस्था मै बताया जाती है!आर संग्राम संस्था मै सेक्स-वोर्केर

के महिलाओं आर उनके बच्चे खुद काम करते है!और बोथल तक कोंडोम पहुचाते है!और संग्राम संस्था मै बताया जाता है कि तुम समाज मै सामाजिक औरतो कि तरह ही हो अपना हक़ पाने के लिए तुम समाज के साथ लार्ड सकते हो!यह सब जानकारी मुझे सेक्स-वोर्केर

महिलाओं ने बताया है!यह बदलाव लानेके लिये संग्राम-संस्था को बहुत मेहनत करने पड़ी!
मै चाहती हु कि संग्राम-संस्था कि तरह सभी संस्था इस तरह बदलाव लाये,मेरा निवेदन है कि संग्राम-संस्था के जेशा सेक्स-वोर्केर महिलाओं के साथ आच्छा बयव्हार करे!

By Kranti

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